मंडी में भीषण लैंडस्लाइड: 9 घर खाली, हाईवे कटिंग पर उठे सवाल
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Himachal Landslide Mandi
मंडी के रोपड़ू गांव में भीषण लैंडस्लाइड.
खतरे को देखते हुए 9 घर खाली करवाए गए.
हाईवे निर्माण पर उठे सवाल.
Mandi / हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश और पहाड़ी कटिंग ने एक गंभीर खतरे का रूप ले लिया है। कोटली उपमंडल के अंतर्गत सुराडी ग्राम पंचायत के रोपड़ू गांव में हुए भीषण लैंडस्लाइड ने पूरे इलाके में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पहाड़ी से गिरता मलबा और चट्टानें साफ देखी जा सकती हैं।
इस लैंडस्लाइड की चपेट में आने से गांव की एक गौशाला पूरी तरह तबाह हो गई। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन खतरा टला नहीं है। पहाड़ी पर अब भी कई बड़ी चट्टानें और भारी मलबा अस्थिर स्थिति में फंसा हुआ है, जो कभी भी नीचे गिर सकता है। ऐसे में नीचे बसे गांव के लोगों में डर साफ नजर आ रहा है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस हादसे के पीछे हाईवे निर्माण कार्य एक बड़ी वजह है। गांव के ऊपर से गुजर रहे निर्माणाधीन हाईवे के लिए लगातार पहाड़ी की कटिंग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि पहले भी इस इलाके में लैंडस्लाइड हो चुका था, जिसके बाद कुछ समय के लिए कटिंग रोकी गई थी। लेकिन आसपास के हिस्सों में काम जारी रहा। इसी बीच पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने मिट्टी को कमजोर कर दिया, जिससे पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसक गया।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। कोटली के एसडीएम जगदीश चंद्र और सुराडी पंचायत की पूर्व प्रधान पूजा देवी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर तुरंत 9 घरों को खाली करवा दिया, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
प्रभावित परिवारों के लिए फिलहाल पंचायत घर में अस्थायी व्यवस्था की गई है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे प्रभावित क्षेत्र के पास न जाएं।
एसडीएम ने बताया कि सड़क पर गिरे बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे को हटाने के लिए पोकलेन मशीनों का उपयोग किया जाएगा, ताकि रास्ता जल्द से जल्द साफ किया जा सके। वहीं स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि हाईवे निर्माण कार्य को वैज्ञानिक तरीके से किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि पहाड़ी क्षेत्रों में विकास कार्यों के दौरान सावधानी और वैज्ञानिक योजना कितनी जरूरी है।